जानिए किन धातु बर्तनों में खाना पकाना और खाना चाहिए |
आयुर्वेद के मुताबिक आपके स्वास्थ्य पर बर्तनों का भी प्रभाव होता है, पुराने समय से ही खाना ज्यादा लोहे के सीप के बर्तनों और मिटटी के बर्तनों में खाना पकाया और खाया जाता था, जानिए ज़रूरी बातें
1) पीतल - यह नमक और अम्ल के साथ प्रतिक्रिया करता है, इसलिए खट्टी चीजों का या अधिक नमक वाली चीजों को इसमें पकाना या खाना नहीं चाहिए, वरना फूड पॉइजनिंग हो सकती है।
2) तांबा - तांबे के बर्तनों का उपयोग भी पुराने जमाने से ही किया जाता रहा है, और यह भी पीतल की तरह ही अम्ल और नमक के साथ प्रतिक्रिया करता है। कई बार पकाए जा रहे भोजन में मौजूद ऑर्गेनिक एसिड बर्तनों के साथ प्रतिक्रिया कर ज्यादा कॉपर पैदा कर सकते हैं, जो नुकसानदायक हो सकता है।
3) एल्युमीनियम - एल्युमीनियम के बर्तनों का इस्तेमाल लगभग हर घर में होता ही है। गर्मी मिलने पर एल्युमीनियम के अणु जल्दी सक्रिय होते हैं, और एल्युमीनियम जल्दी गर्म होता है। एल्युमीनियम के बर्तन में खाना पकाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। इसमें खटाई या अम्लीय सब्जियों चीजों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
4) स्टेनलेस स्टील - यह एक मिश्र धातु है जो लोहे में कार्बन, क्रोमियम और निकल मिलाकर बनाई जाती है। इसमें खाना पकाने या बनाने में सेहत को कोई नुकसान नहीं होता। इन बर्तनों का तापमान बहुल जल्दी बढ़ता है।
5) लोहा - भोजन पकाने और खाने के लिए लोहे के बर्तनों का उपयोग हर तरह से फायदेमंद होता है। इन बर्तनों में पकाए गए भोजन में आयरन की मात्रा अपने आप बढ़ जाती है और आपको उसका भरपूर पोषण मिलता है।
6) नॉन स्टिक - नॉन स्टिक मतलब होता है, न चिपकने वाला। अर्थात ऐसे बर्तन जिनमें खाना चिपकता नहीं है, और पकाने के लिए अधिक तेल या घी की आवश्यकता भी नहीं है । ऐसे बर्तन भी आपकी सेहत का ख्याल रखतें हैं |
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